“नमस्कार दोस्तों, ‘दीप्तांश की कलम से’ में आप सभी का आत्मीय स्वागत है। जीवन के अनुभव, ख्यालों की कशमकश और दिल की गहराइयों से निकले कुछ चुनिंदा विचारों को जब शब्दों का रूप मिलता है, तो वो सीधे रूह तक पहुँचते हैं। आज के इस मिक्स्ड कलेक्शन में मैं आपके साथ अपने लिखे कुछ ऐसे ही दो लाइन के हिंदी कोट्स और अनमोल विचार (Anamol Vichar) साझा कर रहा हूँ, जो आपको ज़िंदगी को एक नए नज़रिए से देखने की प्रेरणा देंगे। आशा है ये विचार आपके दिल को छू लेंगे।

ये दूरियाँ तो महज़ फासले हैं जमीनों के, तन्हाई तो तब होती है जब वो ख्यालों में भी नहीं आती।”
“वक्त की रेत हाथ से फिसलती ज़रूर है, पर तजुर्बों के जो निशान छोड़ जाती है, वही ज़िंदगी की असली कमाई है।”
“मंजिलें मिले न मिले यह तो मुकद्दर की बात है, पर हम कोशिश भी न करें, ये तो सरासर गलत बात है।”
“कागज़ की कश्ती थी, पानी का किनारा था, खेलने की मस्ती थी, ये दिल आवारा था; कहाँ आ गए इस समझदारी के दलदल में, वो नादान बचपन ही कितना प्यारा था।”
“जब खामोश आँखों से बात होती है, तो लफ्ज़ कम पड़ जाते हैं; मोहब्बत की महफ़िल में अक्सर, सबसे गहरे राज़ बयाँ हो जाते हैं।”
“चेहरे की मुस्कान को हर कोई पढ़ लेता है, मज़ा तो तब है जब कोई आँखों की उदासी को भाँप ले।”
“रिश्तों की डोर तब तक नहीं टूटती, जब तक दोनों तरफ से उसे निभाने की चाह ज़िंदा रहती है।”
“ख्वाबों का महल बनाना आसान होता है ऐ दोस्त, मुश्किल तो उसे हकीकत की धूप में बचाए रखना है।”
“कभी-कभी ठहर जाना भी बेहतर होता है, हर दौड़ती हुई ज़िंदगी मंज़िल तक नहीं पहुँचती।”
“कलम जब भी उठती है मेरी, बस तेरा ही अक्स कागज़ पर उतर आता है; लोग इसे शायरी कहते हैं, और मेरा दिल इसे इबादत समझता है।”
“ज़िंदगी की उलझनों को थोड़ा मुस्कुरा कर छोटा कर दीजिए, हर सवाल का जवाब ढूँढना ज़रूरी नहीं होता।”
“अंधेरों से डरना कैसा जब उम्मीद का एक छोटा सा दीया ही पूरे जहान को रौशन करने का हौसला रखता है।”
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